BlogsScience

चंद्रयान -1 मिशन के तहत भारत ने चाँद पर खोजे थे ये अहम सबूत

भारत ने इतिहास रचा है एक बार नही बल्कि कई बार। चंद्रयान – 2 मिशन के द्वारा भारत चाँद के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचा वो अलग बात है कि चाँद पर विक्रम लैंडर की लैंडिंग से कुछ वक्त पहले ही वैज्ञानिकों का संपर्क लैंडर से संपर्क टूट गया, बावजूद इसके भारत ने इतिहास रचा है । भारत ने जब चंद्रयान -1 मिशन शुरू किया तो उस दौरान शोध पर भेजे गए यान ने चाँद के मिट्टी मे पानी होने के सबूत खोजे थे। इस खोज से पूरी दुनिया हैरान थी और पूरी दुनिया ने भारत को सलाम किया था। आज भले ही विक्रम लैंडर का हमारे वैज्ञानिकों से संपर्क टूट गया है फिर भी पूरे 1 साल तक विक्रम लैंडर चाँद पर शोध करेगा।

2008 मे लॉन्च हुआ था चंद्रयान – 1 : 22 अक्टूबर 2008 मे इसरो ने चंद्रयान – 1 को लॉन्च किया था । चंद्रयान – 1 , 8 नवंबर 2008 को चाँद के कक्ष मे पहुंचा था । इस मिशन की लाइफ दो साल थी और इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 386 करोड़ रुपए थी।

समय से पूर्व खत्म हुआ अभियान – चंद्रयान – 1 मिशन की लाइफ दो साल थी । लेकिन करीब एक साल बाद 29 अगस्त 2009 को वैज्ञानिकों ने मिशन को बंद करने की घोषणा कर दी थी । इसका कारण यह है कि एक साल बाद ऑर्बिटर मे तकनीकी खामी आने लगी थी और 28 अगस्त 2009 को ऑर्बिटर ने वैज्ञानिकों को डाटा भेजना बंद कर दिया था। 2 जुलाई 2016 , करीब सात साल बाद नासा के बेहद शक्तिशाली रडार सिस्टम मे चाँद की कक्षा पर एक चीज चक्कर लगाते हुए कैद हुई । जांच मे पता चला कि यह भारत का चंद्रयान – 1 हैं। चंद्रयान – 1 अभी भी चाँद पर मौजूद हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button
Close
Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker