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विक्रम लैंडर की चाँद पर लैंडिंग से पहले ही, वैज्ञानिकों से टूटा संपर्क

चंद्रयान – 2 मिशन के तहत विक्रम लैंडर को चाँद के दक्षिणी ध्रुव के पास पहुंचाकर भारत ने इतिहास रचा है। 7 सितंबर 2019, 1:55 बजे विक्रम लैंडर को चाँद पर लैंडिंग करनी थी। चाँद पर लैंडिंग करने से कुछ वक्त पहले ही विक्रम लैंडर का सम्पर्क वैज्ञानिकों से टूट गया । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो ) के प्रमुख के सिवन ने कहा कि हमें अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है ।

चंद्रयान – 2 मिशन की जानकरी : इसरो प्रमुख ‘ के सिवन’, का कहना है कि चाँद पर विक्रम लैंडर की लैंडिंग हमारे वैज्ञानिकों के योजना के अनुसार चल रही थी । चाँद की सतह से 2.1 किमी ऊपर तक चंद्रयान – 2 मिशन और विक्रम लैंडर की परफॉर्मेंस बिल्कुल सामान्य और हमारे वैज्ञानिकों के कंट्रोल मे थी । चाँद से 2.1 किमी ऊपर विक्रम लैंडर का ग्राउंड स्टेशन से संपर्क टूट गया ।

क्या कहना है इसरो के वैज्ञानिकों का ?

इसरो के वैज्ञानिक देवीप्रसाद कार्णिक का विक्रम लैंडर के क्रैश होने की आशंका पर कहना है कि – हम सभी वैज्ञानिक डाटा का विश्लेषण कर रहे है। अभी हमारे पास कोई नतीजे नही है । नतीजे जानने मे अभी कुछ वक्त लगेगा । जब तक हमे कोई नतीजे नही मिलते तब तक हम क्रैश होने जैसे बातों पर मोहर नही लगा सकते । इन सबके बावजूद भी हमारी वैज्ञानिक प्रेरणा के स्त्रोत है और हमे गर्व है ।

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