News UpdatesSports

32 साल की हंपी ने दो साल बाद वर्ल्ड चैंपियन बनकर की शानदार वापसी।

भारत की चेस ग्रैंडमास्टर कोनेरु हंपी ने दो साल बाद वर्ल्ड चैंपियन बनकर शानदार वापसी की हैं। साल 1997 से लेकर हंपी ने वर्ल्ड अंडर-10, अंडर-12, एशियन की सबसे युवा महिला इंटरनेशनल मास्टर, एशियन गर्ल्स अंडर-20, वर्ल्ड गर्ल्स अंडर-14 चैंपियन, ब्रिटिश लेडीज टाइटल, 2003 में वर्ल्ड अर्जुन अवॉर्ड ये सारी उपलब्धिया प्राप्त की हैं।

हंपी ने साल 2014 में शादी की थी और दो साल पहले प्रेगनेंट होने पर उसने शतरंज खेलने से ब्रेक लिया था। ब्रेक लेने पर हंपी का यह कहना था कि, “शतरंज के बिना मेरी जिंदगी हेक्टिक हैं, मैं जल्दी से वापसी करना चाहती हूँ।” फिर उसके बाद हंपी ने पिछले साल के फिडे महिला वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और हिस्सा लेने के बाद महिला वर्ल्ड चैंपियन बनकर फिरसे शानदार वापसी की हैं।

हंपी के पिताजी अशोक कोनेरु ने कहा हैं कि, हंपी को शतरंज में 5 साल की उम्र से दिलचस्पी थी। अशोक भी शतरंज खेलते थे। इसलिए उन्होंने हंपी को ट्रेनिंग देना शुरू किया। हंपी का एक ही लक्ष्य था कि, वे अपने पिता को शतरंज में हराना चाहती थी और उसने अपना लक्ष्य पूरा किया। उसके बाद हंपी ने 6-7 साल की उम्र में स्टेट चैंपियनशिप जीती।

संपूर्ण दुनिया में चर्चित होने वाली हंपी नेशनल बॉइज टाइटल जितने वाली पहली भारतीय महिला बनी थी। उसी के साथ वे ग्रैंड मास्टर बनने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं। हंपी ने अपने जीवन में कई चैंपियनशिप हासिल किए हैं। उसके शानदार प्रदर्शन से वह पूरी दुनिया में चर्चित खिलाड़ी बन गई हैं। हंपी के इस शानदार वापसी के बाद भी वह आगे कई चैंपियनशिप जितने की आशा भारत को हैं। हंपी रैपिड वर्ल्ड टाइटल जितने वाली विश्वनाथन आनंद के बाद दूसरी भारतीय ठहरी हैं।

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close