Health

बीमारी का पता चलने से पहले ही न करें किसी भी तरह के बेवजह बचाव का प्रयास

कभी-कभी हम बीमारी होने से पहले ही उसके इतने बचाव करने लगते हैं की वो ही आगे चलकर हमारे लिए खतरनाक साबित हो जाता हैं। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो बीमारी होने के वहम से ही बीमार हो जाते हैं और परेशानी झेलते रहते हैं। वहम एक बहुत बड़ी बीमारी हैं, कभी-कभी ऐसा होता हैं जब कि बीमारी किसी अंग में नहीं, लोगों के दिमाग में होती है। अगर किसी इंसान को कहा जाएगा कि उसे दरअसल वह बीमारी है ही नहीं, जिसका वह दावा कर रहा है तो वह फ़ौरन भड़क जाएगा।

अध्ययन द्वारा पता चलता हैं कई लोग केवल अपनी सोच से बीमार हैं :

एक अध्ययन में यह बात सामने आई हैं कि अक्सर लोगों में हंसने, रोने, या गुस्से से कांपते वक्त कुछ बीमारियों के लक्षण दिखाई देते हैं। कई बार ज्यादा इमोशनल होने पर हमारे अंदर ताकत न होने का अहसास होता है। कोई बुरी खबर सुनकर सिर चकराने लगता है। बिस्तर से उठना मुहाल हो जाता है। 30 फीसद लोग ऐसे तजुर्बों को बीमारी समझकर डॉक्टर के पास जाते हैं। महिलाओं में यह तादाद 50 फीसद होती है। जिन लोगों के दिमाग में यह वहम होता हैं कि वे बीमार हैं ऐसे लोगों को मनोवैज्ञानिकों के पास जाने की सलाह देना चाहिए हैं। जो समझा-बुझाकर उन्हें इस तकलीफ़ से निजात दिलाएंगे। सभी लोगों को वाक़ई इससे फ़ायदा मिलेगा और आज तक मिलता आया हैं।

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