Dharmik Aur Adhyatmik

वेद, उपनिषद और पुराणों का क्या होता हैं मनुष्य जीवन पर प्रभाव, जानिये इस लेख में

वेद चार प्रकार के होते हैं – ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद । कलयुग में वेदों और पुराणों की बहुत जरूरत होती हैं क्योंकि ये हमें जीवन जीने का सही ढंग सिखाते हैं। प्राचीन काल में ऋषि-मुनियों ने जो बातें पुराणों और वेदों में लिख रखा हैं वे काल्पनिक नही हैं बल्कि भविष्य को देखते हुए लिखा गया हैं। इनसे हमें नैतिकता और मानवता सिखने को मिलता हैं और जीने का सही ढंग भी सीखा जा सकता हैं। मनुष्य जीवन के हर उलझन का हल इन्ही में छुपा हैं और इनसे ही हमें हमारे सारे प्रश्नों के उत्तर मिलते हैं।

सही जीवन की राह सिखाता हैं वेद और पुराण :

रामायण पढ़ कर श्री राम के चरित्र को अपनाने से जीवन में सुख और शांति आती हैं। इसके अलावा पुराणों से ही हम जीवन का सही मुल्य समझ पाते हैं और परम संतोष की अनुभूति होती हैं। अगर वेद, पुराण न हो तो मनुष्य जीव और भगवान की सही परिभाषा ही नही समझ पाएगा। किसी भी कार्य को करना, सही-गलत, अच्छा-बुरा का फर्क नही जाना जा सकता अगर वेद और पुराण न हो तो इसलिए जरूरी हैं की इनका अनुसरण किया जाए इससे ही जीवन सुखमय बनेगा।

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