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गुरु नानक जी की कुछ महत्वूर्ण और अलौकिक शिक्षाएं

सिख धर्म की खोज का श्रेय दिए जाने के दौरान से लेकर उनकी आखिरी सांस तक गुरु नानक देव जी ने अपने ज्ञान को संसार तक पहुंचाया। उनकी शिक्षाओं में उन्होंने हमेशा हिंदुओं, मुस्लिमों और सिखों के बीच एक सार्वभौमिक अपील किया करते थे कि वह इन शिक्षाओं को समझे और अपने भीतर उतारें ।

गुरु नानक की शिक्षाओं का स्रोत सिखों का पवित्र ग्रंथ है , जिसे गुरु ग्रंथ साहिब कहा जाता है।

उनकी कुछ शिक्षाप्रद बातें –

1. भगवान एक है –

यह शायद उनकी सभी शिक्षाओं की नींव है। वह कहते हैं कि केवल एक ही ईश्वर है जो सर्वोच्च सत्य और अंतिम वास्तविकता है। वह बिना किसी डर के रहता है और उसका कोई दुश्मन नहीं है। वह स्वयं निर्मित है और समय से परे है।

2. अहंकार आध्यात्मिक प्रगति में रूकावट है –

मनुष्यों में अहंकार एक अत्यधिक खतरनाक घटना है।मनुष्यों के बीच मिथ्यात्व और पाखंड अत्यधिक प्रचलित है जिन्हें आध्यात्मिक खोज के माध्यम से शुद्ध करने की आवश्यकता है।

3. आध्यात्मिक जीवन के लिए तीन मार्गदर्शक सिद्धांत –

• वंड छक्कन: हमेशा जो आपके पास है उसे दूसरों के साथ साझा करें। जरूरतमंद लोगों की मदद करें।• कीरत कर्ण: ईमानदारी से और बिना धोखाधड़ी या शोषण का सहारा लिए पैसा कमाएं।• नाम जपना: हमेशा भगवान को याद करना और उनके नाम का लगातार जप करने से उनके प्रति असीम भक्ति का अभ्यास करना।

4. सभी मनुष्य समान हैं –

मनुष्यों की समानता, गुरु नानक की शिक्षाओं में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। कोई भी जाति, पंथ या धार्मिक मतभेद नहीं होना चाहिए। कभी भी जाति, स्थिति और धर्म के आधार पर लोगों के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। अपने उपदेश को स्पष्ट करने के लिए गुरु नानक ने लंगर नामक एक संस्था शुरू की जिसमें एक साथ बैठकर बिना किसी भेद और मतभेद के भोजन कराया जाता था जो आज भी चल रही है।

5. नारीत्व की महानता –

पुरुष और महिला समान हैं। वास्तव में, महिलाएं और भी अधिक सम्मानित हैं।नारी अन्य महिलाओं को भी बनाती है और वे दुनिया के महान राजाओं की माँ होती हैं। महिलाओं के बिना इस धरती पर कोई नहीं होगा सिवाय प्रभु के। इसलिए, उसका सम्मान करें और उसे कभी बुरा न कहें।

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Srishti.Patel

Urge to know how , who , what and why ? To know the complexity of the simple world here I am who learns first and then let you to know more.

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