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हरियाणा में रहने वाली इस बेहतरीन क्रिकेटर ने रचा नया रिकॉर्ड

आज इकीसवीं सदी में भी कई ऐसी जगह है, जहा लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए कई परिशनियों का सामना करना पड़ता है। वैसेही हरियाणा के रोहतक में रहने वाली शैफाली वर्मा है। शैफाली को क्रिकेट का शॉक बचपन से ही था। उसके पिता भी यही चाहते थे कि, शैफाली इंडिया के क्रिकेट टीम में खेले। लेकिन, रोहतक में ऐसी कोनसी भी अकादमी नहीं थी जहाँ लड़कियों को क्रिकेट में शामिल किया जाए।

शैफाली के पिताजी संजीव वर्मा उसको कई अकादमी में लेके गए लेकिन, वह लड़की होने कारण उसे कोई ले नही रहा था। फिर संजीव वर्मा के कहने पर शैफाली ने अपने बाल लड़को की तरह काटे और अपना नाम भी बदल दिया।उसके बाद उसे एक अकादमी में प्रवेश मिला। उसे कई सारे परिशनियों का सामना भी करना पड़ा। अकादमी के लोंगो को शैफाली के असलियत के बारे में पता चल गया।

कई सारे परिशनियों का सामना करने के बाद शैफाली अभी भारत का प्रतिनिधित्व कर रही है। शैफाली ने इस साल के शुरुवात में महिला टी-२० में अपना शानदार प्रदर्शन दिखाया और उसके बाद शैफाली को भारतीय टी-२० टीम में चुना गया था। शैफाली ने अपनी १५ साल की उम्र में आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और भारत की ओर से आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बन गई। शैफाली ने आंतरराष्ट्रीय टी-२० में ४६ रन बनाए थे।

२०१३ में सचिन तेंदुलकर जब हरियाणा के लाहली में अपना आखिरी रणजी ट्रॉफी मॅच खेलने आए थे। तब सचिन से काफी ज्यादा प्रेरित होने वाली शैफाली, पड़ोसी के ताने सुनकर भी उसने कभी हार नही मानी। लेकिन, जब आईपीएल में शैफाली को खेलते हुए देखा तो सबकी बोलती बंद हो गई। अब, शैफाली वर्मा ने पहले ही मॅच में सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ा है।

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