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रामायण से जुड़े यह 3 महत्वपूर्ण रहस्य जिसकी जानकारी अवश्य होनी चाहिए

रामायण एक ऐसा पुराण हैं, जिसमें लोगों को मर्यादा, दया , त्याग, प्रेम, विश्वास, आदर-सतकार, अपनापन, एकता इत्यादि जैसे अनेको अच्छे कर्म सिखने को मिलते हैं। रामायण में अनेकच॔ संदेश मिलते हैं परंतु कुछ ऐसे रहस्य भी हैं जिसकी जानकारी शायद बहुत कम लोगों को होगी। आज इस लेख में आप सब जानेंगे रामायण के कुछ अनसुने रहस्यों के विषय में।

1 रामायण के श्लोक का रहस्य

गायत्री मंत्र में 24 अक्षर होते हैं और वाल्मीकि रामायण में 24,000 श्लोक हैं। रामायण के हर 1000 श्लोक के बाद आने वाले पहले अक्षर से गायत्री मंत्र बनता है। यह मंत्र इस पवित्र महाकाव्य का सार है। गायत्री मंत्र को सर्वप्रथम ऋग्वेद में उल्लिखित किया गया है।

2 भगवान श्रीराम की बहन का रहस्य

बहुत कम लोगों को यह मालूम होगा कि भगवान श्री राम की एक बहन भी थीं, जिनका नाम “शांता” था। वे आयु में चारों भाईयों से काफी बड़ी थीं। उनकी माता कौशल्या थीं। ऐसी मान्यता है कि एक बार अंगदेश के राजा रोमपद और उनकी रानी वर्षिणी अयोध्या आए। उनकी कोई संतान नहीं थी। बातचीत के दौरान राजा दशरथ को जब यह बात मालूम हुई तो उन्होंने कहा, मैं अपनी बेटी शांता आपको संतान के रूप में दूंगा। यह सुनकर रोमपद और वर्षिणी बहुत खुश हुए। उन्होंने बहुत स्नेह से उसका पालन-पोषण किया और माता-पिता के सभी कर्तव्य निभाए।

3 श्रीराम और उनके भाईयों के अवतार का रहस्य

भगवान श्रीराम को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। लक्ष्मण को शेषनाग का अवतार माना जाता है जो क्षीरसागर में भगवान विष्णु का आसन है। जबकि भरत और शत्रुघ्न को क्रमशः भगवान विष्णु द्वारा हाथों में धारण किए गए सुदर्शन-चक्र और शंखशैल का अवतार माना जाता है।
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