Delhi Vidhansabha

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए से हाथ मिलाने जा रही भाजपा सरकार

साल 2019 में झारखंड विधानसभा चुनाव हारने के बाद अब भाजपा सरकार एनडीए से हाथ मिलाने की तैयारी में जुटी हैं। झारखंड में जदयू-लोजपा को सीटें देने से मना करने के बाद दिल्ली में भाजपा का इन दो दलों के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन इस आशय का संकेत हैं की विधानसभा चुनाव में उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन करने में विफल रही भाजपा अब सहयोगियों का सुध ले कर राजग की सेहत सुधारने की तैयारी में है। लोकसभा चुनाव के बाद राजग से शिवसेना और आजसू ने दूरी बनाई है। जबकि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ असम गण परिषद के बाद शिरोमणि अकाली दल ने सीधा मोर्चा खोला है। मुस्लिम वोट हाथ से जाने के डर से लोजपा और जदयू भी असहज हैं। लोजपा ने सीएए पर सही संदेश नहीं देने तो जदयू ने इस कानून पर और चर्चा कराने की मांग की है। जाहिर है कि सहयोगियों के रुख से भाजपा चिंतित है।

दिल्ली और बिहार विधानसभा चुनाव हैं गठबंधन का मुख्य कारण

दिल्ली चुनाव के बाद पार्टी राजग को मजबूत बनाने और सहयोगियों की नाराजगी दूर करने की दिशा में व्यापक पहल करेगी। इसके तहत सहयोगी दल के किसी वरिष्ठ नेता को राजग के संयोजक पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके अलावा मंत्रिमंडल विस्तार में भी छूटे सहयोगियों को शामिल किया जाएगा। दिल्ली में जदयू-लोजपा गठबंधन की वजह इसी साल बिहार में होने वाला विधानसभा चुनाव और दलित-पूर्वांचली मतदाता भी हैं। लोजपा के सहारे पार्टी दिल्ली के दलित मतदाताओं को संदेश देना चाहती है, जबकि लोजपा-जदयू के सहारे पूर्वांचली मतदाताओं को। इसके अलावा इस गठबंधन के जरिए पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि बिहार में लोकसभा चुनाव की तरह भाजपा-लोजपा-जदयू गठबंधन जारी रहेगा। राज्य में भाजपा-जदयू के बीच समय समय पर सामने आ रहे मतभेद के कारण चुनाव पूर्व गठबंधन पर कयास लगते रहे हैं।

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close