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दिल्ली विधानसभा चुनाव : कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने, क्या होगा जनता का फैसला

08 फरवरी 2020 को दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने जा रहा हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल इस चुनाव में बाजी मारने के प्रयास में जुटी हैं। जहाँ एक ओर बीजेपी अपने सत्ता के वनवास को खत्म करने की सियासी जंग लड़ रही है , तो वही दूसरी ओर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी अपने सिंहासन को बचाए रखने के लिए जद्दोजहद कर रही है। ऐसे में दिल्ली की तीसरी ताकत के तौर पर कांग्रेस नाम सामने हैं, जिसके चुनावी प्रदर्शन पर बहुत कुछ निर्भर करने वाला हैं।

कांग्रेस के हाथ में सत्ता परिवर्तित करने का दारोमदार

मौजूदा दौर में कांग्रेस भले ही सत्ता के सिंहासन पर अपना स्थान बनाने की ताकत नहीं रखती हो, लेकिन राजनीतिक समीकरण बनाने और बिगाड़ने की पूरी ताकत रखती है। ऐसे में अगर कांग्रेस दिल्ली में अपना ग्राफ बढ़ाने में कामयाब रहती है तो अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की टेंशन बढ़ा सकती है। वहीं, अगर कांग्रेस के नतीजे अगर 2015 जैसे ही रहे तो बीजेपी की सत्ता में वापसी के अरमानों पर पानी फिर सकता है।

बीजेपी और आप के बीच कांग्रेस

2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 33 फीसदी वोटों के साथ 31 सीटें जीतकर नंबर एक पर रही। इस चुनाव में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को 29.5 फीसदी वोट और 28 सीटें मिली थी, जबकि कांग्रेस को 24.6 फीसदी वोटों के साथ महज 8 सीटें ही मिली थीं। 2015 विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का वोट बढ़कर 54 फीसदी पहुंच गया था और इसका नतीजा रहा कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली की सत्ता पर प्रचंड बहुमत के साथ राज करने में कामयाब रहे। वहीं, बीजेपी 32 फीसदी वोट पाकर महज 3 सीटें ही जीत सकी थी।

बीजेपी और आप के लिए परीक्षा की घड़ी

2017 के एमसीडी और 2019 के लोकसभा चुनाव के नतीजों को देखा जाए तो कांग्रेस का वोट कुछ फीसदी बढ़ा है, जिसका सीधा फायदा बीजेपी को सियासी तौर पर मिला और आम आदमी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस सरकार ने दिल्ली में दोबारा वापसी करना 2017 के दिल्ली नगर निगम चुनाव से शुरू किया और पार्टी को करीब 21 फीसदी वोट मिले। इसका सियासी असर यह रहा कि विधानसभा चुनाव में आधे से ज्यादा वोट हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी को 26 फीसदी वोट से ही काम चलाना पड़ा और बीजेपी ने 39 फीसदी वोट हासिल किए। ऐसा ही कुछ कांग्रेस का प्रदर्शन लोकसभा चुनावों में भी दिखा।

साल 2017 कांग्रेस सरकार के लिए खास

कांग्रेस 22.83 फीसदी वोट हासिल कर दूसरे नंबर की पार्टी बन गई। वहीं, आम आदमी पार्टी को महज 18 फीसदी वोट मिले और बीजेपी 54 फीसदी के वोटों के साथ सभी सात सीटें जीतने में कामयाब रही थी। ऐसे में अगर कांग्रेस का प्रदर्शन इस विधानसभा चुनाव में खराब रहा तो यह चुनाव द्विपक्षीय हो जाएगा और इससे बीजेपी को नुकसान हो सकता है।  
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