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जानिये दिल्ली में बीजेपी सरकार के हार के सबसे मुख्य कारण, नही चला दिल्ली में ‘Modi Magic’

एक बार फिर बीजेपी सरकार के हाथ से निकल गई दिल्ली। महज सात साल पहले अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में बनी आम आदमी पार्टी ने दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली बीजेपी को दिल्ली में करारी मात दी है। इस तरह से बीजेपी की दिल्ली में 22 साल के सत्ता के वनवास को खत्म करने की कोशिशें धरी की धरी रह गईं। इस तरह से बीजेपी का फिर से 5 सालों तक दिल्ली का राज हासिल करने का सपना और दूर हो गया है। बीजेपी को आम आदमी पार्टी ने लगातार दूसरी बार शिकस्त दी और भाजपा दोनों बार डबल डिजिट भी पार नहीं कर सकी। दिल्ली में फिर से आम आदमी पार्टी की मिली प्रचंड जीत ने बीजेपी की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अन्ना आंदोलन से निकले अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के गठन के महज सात साल हुए हैं। कह सकते हैं कि ‘आप’ का सियासी आधार दिल्ली तक ही सीमित है और थोड़ा बहुत पंजाब में है। वहीं, बीजेपी के 12 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं और मौजूदा समय में बीजेपी या उसके सहयोगियों की 16 राज्यों में सरकार में है। ऐसे में बीजेपी ने दिल्ली की सल्तनत पर काबिज होने के लिए अपने सभी बड़े नेताओं ने प्रचार में उतारा था, लेकिन केजरीवाल के विजय रथ को नहीं रोक सके।

आम आदमी पार्टी के सामने संकट में भारतीय जनता पार्टी

आम आदमी पार्टी के मुफ्त बिजली, पानी व महिलाओं को डीटीसी में फ्री यात्रा के मुद्दे का बीजेपी कोई तोड़ नहीं निकाल सकी। हालांकि बीजेपी ने शाहीन बाग को भी मुद्दा बनाया और इसका उसे लाभ भी मिला, लेकिन इतना नहीं कि वह आम आदमी पार्टी से बराबरी का मुकाबला कर सके।

जिस तरह से 2019 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के साथ हुआ था, ठीक उसी तरह दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के लिए रहा की कोई विकल्प नही वाले फैक्टर ने काम किया। आम आदमी पार्टी ने बेहद चतुराई से दिल्ली के मतदाताओं को समझाया कि बीजेपी के पास केजरीवाल की जगह लेने के लिए कोई योग्य शख्सियत है ही नहीं। पिछले छह माह के दौरान केजरीवाल सरकार ने और मुफ्त चीजों की घोषणा की जिसमें बसों और मेट्रो में महिलाओं और विद्यार्थियों को मुफ्त यात्रा शामिल है। इसके चलते महिलाओं के बीच केजरीवाल की पकड़ मजबूत हुई।

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