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जानिये क्या होता हैं कार्तिक मास की चतुर्दशी का महत्व

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी के नाम से जाना जाता हैं। इस दिन का बहुत महत्व होता हैं, हालांकि पूरे कार्तिक मास का ही बहुत महिमा होता हैं पर इस दिन का एक विशेष महत्व हैं। पुराणों में वर्णित हैं नरक चतुर्दशी को किया गया पूजा-पाठ, व्रत बहुत फलदायक होता हैं। केवल इस चतुर्दशी व्रत से पूरे साल के चतुर्दशी का फल मिलता हैं, सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती हैं। कार्तिक का महीना भगवान श्री हरि विष्णु का बहुत प्रिय हैं, इस महीने में श्री हरि के कृष्ण अवतार की पूजा की जाती हैं।

कार्तिक स्नान से होता हैं पापों का नाश :

श्रीकृष्ण को प्रतिदिन पालना झुलाया जाता हैं , कहा जाता हैं इस एक महीने में अनेकों शुभ फल की प्राप्ति होती हैं अगर विधि-विधान से इस महीने का व्रत किया जाए तो। नरक चतुर्दशी के दिन भगवान शंकर की ज्योतिर्लिंग पर जल चढ़ाने से सारे पाप धुल जाते हैं। कार्तिक महीने का व्रत करने के लिए जरूरी हैं की पहले सारे नियम अच्छे से जान लिया जाए। पूरे महीने सुर्य उदय से पूर्व , रात के अंतिम पहर के खत्म होते-होते स्नान कर के आंवला के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए, इसके बाद अगर मुमकिन हो तो रामायण या भागवत पुराण का पाठ करना चाहिए इसका बहुत महत्व हैं।

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