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क्रिकेट क्यो खेला जाता है ? यह सिर्फ एक खेल नहीं है , जानिए मुख्य कारण

क्रिकेट की शुरुआत कहां हुई, इस बारे में कोई निश्चित प्रमाण प्राप्त नहीं है। अधिकांश इतिहासकार मानते हैं कि क्रिकेट की उत्पत्ति इंग्लैंड में हुई।

‘विजडन’ जिसे ‘क्रिकेट की बाइबिल’ माना जाता है, के अनुसार क्रिकेट का सर्वप्रथम उल्लेख सन 1300 में हुआ। सन 1760 में इंग्लैंड में पहला क्रिकेट क्लब (हैम्बल्डन क्लब) स्थापित किया गया। सन 1873 में इंग्लैंड में क्रिकेट की ऑफिशियल काउंटी चैंपियनशिप शुरू हुई जो कि बाद में अंतराष्ट्रीय खेल बन गया।

क्रिकेट के मुख्य सामग्री

क्रिकेट (Cricket)में बल्ला, बॉल और स्टम्प मुख्य सामग्री हैं जिनके बिना क्रिकेट नहीं खेला जा सकता ।

टीम के प्रकार

क्रिकेट (Cricket)दो टीमो के बीच खेला जाता हैं प्रत्येक टीम में 11 सदस्य/ प्लेयर होते हैं । इसके अलावा 12 वा सदस्य होता हैं जो कि टीम मे किसी एक सदस्य को चोट लगने अथवा अन्य किसी कारण से बाहर जाने पर उस सदस्य की जगह लेता हैं लेकिन यह 12 वा सदस्य केवल फील्डिंग/ क्षेत्रीय रक्षक बन सकता हैं इसे बल्लेबाज, गेंदबाज या विकेट कीपर की जगह नहीं दी जा सकती।

निर्णय लेने की क्षमता

क्रिकेट (Cricket)में कई तरह के निर्णय लेने के लिए 2 एम्पायर होते हैं जो कि मैदान पर मौजूद होते हैं इसके अलावा 3 rd एम्पायर होता हैं जो कि टीवी स्क्रीन के माध्यम से खेल को देखता हैं और विशेष परिस्थतियों में 3 rd एम्पायर का फैसला अंतिम फैसला माना जाता हैं।

क्रिकेट (Cricket) दो पारियों में खेला जाता हैं प्रत्येक पारी में एक टीम बल्लेबाजी करती हैं और दूसरी टीम गेंदबाजी एवम क्षेत्र रक्षण करती हैं।

पहली पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम का मुख्य उद्देश्य रन अथवा स्कोर बनाना होता है।

गेंदबाजी करने वाली टीम का मुख्य उद्देश्य बल्लेबाज को आउट करना एवम रन/ स्कोर रोकना होता हैं।

दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम के सामने रन/ स्कोर का एक लक्ष्य होता हैं जो कि पहली पारी में सामने वाली टीम ने दिया, उसे प्राप्त करना होता हैं।

कौनसी टीम पहले बल्लेबाजी अथवा गेंदबाजी करेगी इसका निर्णय टॉस जितने वाली टीम का कप्तान करता हैं।

क्रिकेट के मुख्य नियम

एक दिवसीय क्रिकेट में 50 ओवर का खेल खेला जाता हैं प्रत्येक ओवर में 6 बॉल होती हैं इस तरह 300 बॉल खेली जाती हैं।

पहली पारी में बल्लेबाज टीम इन 50 ओवर को खेल कर रनों का एक लक्ष्य सामने वाली टीम को देती हैं।

अगर टीम के 10 प्लेयर 50 ओवर से पहले ही आउट कर दिए जाते हैं तो उस वक्त तक बनाये गए रन को लक्ष्य माना जाता हैं और अगली पारी खेली जाती हैं।

दूसरी पारी में टीम के 10 सदस्यों के सामने रन का लक्ष्य होता हैं जिससे एक रन ज्यादा 50 ओवरों में पूरा करना होता हैं .यह टीम के परफॉरमेंस पर डिपेंड करता हैं कि वो लक्ष्य को कितनी बॉल अथवा ओवर में प्राप्त कर सकती हैं।

दोनों ही पारियों में गेंदबाजी करने वाली टीम का मुख्य उद्देश्य बल्लेबाज को आउट करना और कम से कम रन बनने देना हैं दूसरी पारी में बल्लेबाजो को दिए गए लक्ष्य से रोकने के लिए उन्हें आउट करना अथवा रनों की गति को नियंत्रित करना होता हैं।

रन अथवा स्कोर

क्रिकेट (Cricket) मे बल्लेबाज द्वारा तीन तरह से रन बनाये जाते हैं।

विकेट के बीच दौड़ कर

मैदान पर पिच बनाई जाती हैं जो कि 2012 cm लंबी एवम 305 cm चौड़ी होती हैं। पिच के दोनों तरफ स्टम्प होते हैं और दोनों तरफ एक-एक बल्लेबाज खड़ा होता हैं खेलने वाला बल्लेबाज बॉल को मारता हैं और रन लेने के लिए दोनों बल्लेबाज सामने वाले स्टम्प की तरफ दौड़ते हैं। इस वक्त गेंदबाजी करने वाली टीम की कोशिश होती हैं कि वो गेंद को पकड़ कर बल्लेबाज के स्टम्प तक पहुँचने से पहले स्टम्प को गेंद से मार कर आउट करे या जल्द से जल्द गेंद पकड़कर बल्लेबाज को कम से कम रन बनाने दे।

चौका

जब बल्लेबाज गेंद को मारता हैं और गेंद मैदान पर दौड़ती हुई निर्धारित सीमा के पार जाती हैं तब उसे चौका अर्थात चार रन कहे जाते हैं।

छक्का

जब बल्लेबाज गेंद को मारता हैं और वो हवा में बिना टप्पा खाये सीमा के पार जाती हैं तब उसे छक्का अथवा 6 कहे जाते हैं।

अतिरिक्त रन

इसके अलावा गेंदबाज की गलत बॉल के कारण सामने वाली टीम को प्रत्येक गलत बॉल पर एक रन दिया जाता हैं।

गलत बॉल के टाइप

नो बॉल

गेंदबाज द्वारा नियम के विरुद्ध गेंद डालना अर्थात 1. गलत तरह से भुजाओं का इस्तेमाल 2. गेंद की ऊँचाई बल्लेबाज से कई गुना ज्यादा उपर होना 3. फील्डर का गलत पोजीशन पर होना 4 गेंदबाज का पैर रिटर्न क्रीज़ से बाहर होना,इसे No Ball कहा जाता हैं जिसके लिए सामने वाली टीम को एक अतिरिक्त रन दिया जाता हैं और उस बॉल पर रन आउट के अलावा कोई आउट मान्य नहीं होता साथ ही एक फ्री हिट अर्थात एक अतिरिक्त बॉल बल्लेबाज को खिलाई जाती हैं जिस पर वो रन आउट के अलावा आउट नहीं हो सकता।

वाइड बॉल

जब गेंद बल्लेबाज से बहुत दूर होती हैं जिसे वो किसी भी कंडीशन मे खेल नहीं सकता उसे गेंदबाज की गलती माना जाता हैं और बल्लेबाज टीम को अतिरिक्त रन दिया जाता हैं।

बाई

जब बॉल बल्ले से टच नही करती और विकेट कीपर भी उसे छोड़ देता हैं उस वक्त बल्लेबाजों को रन दौड़ने का वक्त मिल जाता हैं उसे बाई बॉल कहते हैं।

लेग बाई

जब बॉल बल्ले से न टकराकर बल्लेबाज से टकराती हैं और दूर चली जाती हैं उस वक्त भी बल्लेबाज को रन दौड़ने का मौका मिल जाता हैं उसे लेग बाई कहते हैं।

आउट होने के प्रकार

बोल्ड

जब गेंदबाज गेंद को स्टंप पर मारता हैं और बल्लियाँ गिर जाती हैं उसे बोल्ड कहते हैं अगर टकराने पर बल्लियाँ नहीं हिली या गिरी तो नॉट आउट होता हैं।

कैच

बल्लेबाज से गेंद को हवा में मारा और बिना टप्पा खाये उसे फील्डर ने पकड़ लिया तो उसे केच आउट कहते हैं।

लेग बिफोर विकेट

जब गेंद बल्लेबाज के पैर से टकराती हैं ऐसा कई बार होता हैं लेकिन जब ऐसा लगे की बॉल लेग से ना टकराती तो विकेट पर लग सकती थी उस वक्त एलबीडबल्यू आउट दिया जाता हैं।

रन आउट

जब बल्लेबाज रन के लिए विकेट के बीच दौड़ते हैं तब अगर बॉल किसी भी फील्डर ने पकड़ ली और बल्लेबाज के विकेट तक पहुँचने से पहले विकेट को हिट कर दिया तब उसे रन आउट माना जाता हैं।

हिट विकेट

जब बल्लेबाज की गलती से विकेट गिर जाता हैं उसे हिट विकेट कहते हैं।

गेंद दो बार मारना

बल्लेबाज को गेंद एक बार ही खेलने की अनुमति होती हैं अगर वह आउट होने के डर से उसे फिर से टच करता हैं तो आउट दिया जाता हैं।

स्टंप्ड आउट

जब बल्लेबाज बॉल को टच नहीं करता और रन के लिए दौड़ता हैं उस वक्त विकेट कीपर बॉल से उसे आउट कर सकता हैं अगर विकेट कीपर दूर से विकेट पर बॉल फेंक कर मारता हैं तो उसे रन आउट कहते हैं लेकिन जब वो हाथ में बॉल लेकर विकेट टच करता हैं तो उसे स्टंप्ड आउट कहते हैं।

गेंद पकड़ना

अगर बल्लेबाज गेंद को हाथ से पकड़ ले या आउट से बचने के लिए उसे हाथ से टच करे तो वह आउट माना जाता है।

टाइम आउट

बल्लेबाज के औत होने के बाद अगर अन्य बल्लेबाज 3 मिनिट के अंदर खेलने नहीं पहुंचा तो वह आउट माना जाता हैं . इसे टाइम आउट कहते हैं।

बाधा डालना

जब बल्लेबाज दूसरी टीम को अपशब्द कहे या उन्हें बॉल पकड़ते वक्त जन बुझकर उनके सामने आ जाये तब उसे आउट कर दिया जाता हैं।

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