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चांगेरी ( टिनपतिया) की पत्तियों में छिपा औषधीय गुणों का राज।

चांगेरी का पौधा भारत देश में उष्ण प्रदेशों में तथा हिमालय में 6,000 फुट की ऊंचाई तक होता हैं और इस पर पुष्प वर्ष भर मिलते हैं। चांगेरी वृक्ष में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिससे आपके सेहत के लिए कई फायदे होते हैं। चांगेरी को टिनपतिया भी कहते हैं। अब जानते हैं चांगेरी की पत्तियों में छिपे औषधीय गुणों के बारे में-

* सिरदर्द को दूर करना-

सिरदर्द को दूर रखने के लिए चांगेरी की पत्तियों को पीस कर इसमें प्याज का रस मिलाएं, उसके बाद माथे पर लगाकर मसाज करें। आपको सिरदर्द से राहत मिलेगी।

* मासिक धर्म में उपयोग-

मासिक धर्म के दौरान चांगेरी के पंचांग के स्वरस की 5-10 मिलीलीटर मात्रा में दिन में दो बार प्रयोग करें। यह करने से रक्तस्त्राव में आराम मिलता हैं।

* मुँह की बदबू से रखेगा दूर-

मुँह से आने वाली बदबू से ना सिर्फ खुदको बल्कि आप जिससे बात करते हो उन्हें भी परेशानी होती हैं। मुँह की बदबू को दूर रखने के लिए चांगेरी की तीन चार पत्तियों को रोज चबाएं या फिर सुखी हुई पत्तियों को पेस्ट में मिलाकर यूज करें। इससे आपकी बदबू की समस्या दूर हो जाएगी।

* बुखार से मिलेगी राहत-

बुखार को उतारने के लिए चांगेरी के आठ हजार पत्तियों को पीस लें, उसके बाद 16 गुने जल में उबाल लें, यह गाढ़ा हो जाने पर इसमें घी डाले और इसका 5-10 ग्राम मात्रा में सेवन करें।

* पिंपल्स और काले धब्बों से छुटकारा-

महिलाओं को पिंपल्स और काले धब्बो से छुटकारा पाना हो तो, चांगेरी के पत्तों को अच्छी तरह पीस कर उसे चंदन के पेस्ट के साथ मिलाए और इस पॅक का फेस पर उपयोग करें। आपके पिंपल्स और काले धब्बे की समस्या दूर हो जाएगी।

* अनेक रोगों के लिए फायदेमंद-

चांगेरी की पत्तियां बुखार, सिरदर्द, पेटदर्द, दस्त, दंतमंजन, मासिक धर्म, पाचनशक्ति, मुँह की दुर्गंध, मसूड़ों के रोग, दाह, पाचनशक्ति, बवासीर, जैसे कई बीमारियों के लिए गुणकारी हैं।

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